मुद्राओं में भारी गिरावट, महंगाई से जूझती पूरी दुनिया

मुद्राओं में भारी गिरावट, महंगाई से जूझती पूरी दुनिया

विस्तार पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में इस समय सभी मोर्चों पर जो दबाव दिख रहा है, उससे उबरने में तीन से चार तिमाही तक इन्तजार करना होगा. अमेरिका, चीन, हिंदुस्तान और जापान समेत दुनिया के शीर्ष राष्ट्रों की मुद्राएं, शेयर बाजार, बिटकॉइन सहित निवेश के सभी साधनों में भारी गिरावट आई है. इससे निवेशकों को भारी हानि हुआ है. कुछ राष्ट्रों में महंगाई भी 40 वर्ष के उच्च स्तर पर पहुंच गई है. ऑयल की ऊंची कीमतें इसमें और आग लगाने का काम कर रही हैं. इस पर काबू पाने के लिए पूरे विश्व के 21 केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ाई हैं. इसका असर लोगों की बचत पर पड़ेगा.


$ के मुकाबले रुपया एक माह में 1.67 प्रतिशत टूटा है. इस दौरान चीन का युआन 6.5%, जापानी येन 17.38%, यूरो 4.35% और ब्रिटिश पाउंड 6.49% प्रतिशत गिरा है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का बोलना है कि $ के मुकाबले रुपया और गिरकर 94.4 के स्तर तक जा सकता है.

शेयर बाजारों का हाल
हिंदुस्तान का निफ्टी एक माह में 9.8% गिरा है. चीन में 4.14%, जापान में 4.08%, यूरोपीय बाजारों में 7.17%, अमेरिकी डाउजोंस में 6.97% गिरावट आई है. 11 अप्रैल के बाद भारतीय बाजार की पूंजी 34 लाख करोड़ रुपये घटी है.

महंगाई से जूझती पूरी दुनिया
महंगाई से इस समय पूरी दुनिया जूझ रही है. अमेरिका में महंगाई की रेट 40 वर्ष के ऊपरी स्तर 8.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है. ब्रिटेन में यह 30 वर्ष के ऊपरी स्तर 7 प्रतिशत पर और फ्रांस में यह 1990 के बाद 5.2 प्रतिशत के साथ सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है. हिंदुस्तान में भी खुदरा महंगाई बढ़कर अप्रैल में 7.79 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो मई, 2014 के बाद 8 वर्ष में सबसे अधिक है.

जीडीपी में हिंदुस्तान की बेहतर स्थिति
वैसे वृद्धि रेट के मुद्दे में हिंदुस्तान की स्थिति अच्छी है. दिसंबर में यह 5.4% बढ़ी है. चीन की अर्थव्यवस्था मार्च तिमाही में 4.4 प्रतिशत बढ़ी है. अमेरिकी जीडीपी 1.4%, यूके की 0.1% और जापान की जीडीपी में 0.8% गिरावट रही.

क्रिप्टोकरेंसी ने भी लगाई चपत
क्रिप्टोकरेंसी की बाजार पूंजी 3.1 लाख करोड़ $ से घटकर 1.19 लाख करोड़ $ रह गई. बिटकॉइन एक सप्ताह में 17 प्रतिशत टूटा है. यह 16 महीने का निचला स्तर है. पोलकाडाट में 28 प्रतिशत और सोलाना में 38% गिरावट रही.

निवेश के लिए करना होगा थोड़ा और इंतजार
एडलवाइस म्यूचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी त्रिदीप भट्टाचार्य कहते हैं कि जब तक महंगाई, ब्याज दरों और पूंजी निवेश पर कोई स्पष्टता नहीं होगी, बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा. एकमुश्त निवेश से बचें.

आईसीआईसीआई बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री समीर नारंग ने कहा, जब तक अमेरिकी बाजार में स्थिरता नहीं आएगी, तब तक हमारे बाजार पर भी इसका असर दिखेगा. महंगाई का असर कुछ समय तक बना रहेगा.